ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े पुल, B1 ब्रिज को ध्वस्त कर दिया है, जो तेहरान और करज शहरों को जोड़ता था। इस हमले में 8 लोग मारे गए और 95 घायल हुए हैं। ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी देशों के 8 प्रमुख पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिनमें कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह समुद्री पुल, यूएई के शेख जायद पुल, और जॉर्डन के किंग हुसैन ब्रिज शामिल हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि की और ईरान को चेतावनी दी कि अगर वे युद्ध को समाप्त नहीं करते हैं, तो और भी तबाही होगी। ईरान ने इस हमले की निंदा की है और अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कहा है कि अमेरिका को इस हमले की कीमत चुकानी होगी। ईरान के विदेश मंत्री ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे अपने हितों की रक्षा करेंगे।
इस हमले के बाद, खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है। कुवैत, यूएई, और जॉर्डन ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अमेरिका ने भी अपने नागरिकों को ईरान और खाड़ी देशों से दूर रहने की सलाह दी है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
क्या आप ईरान-अमेरिका तनाव के बारे में और जानना चाहते हैं? क्या आप जानना चाहते हैं कि इस हमले के बाद आगे क्या हो सकता है?
